मांगों के समर्थन में 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू
सीएमओ कार्यालय पर धरना, नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग; 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी
बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने गुरुवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में धरना दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश महामंत्री डा. आदित्य भारती, मंडल अध्यक्ष डा. वी.के. वर्मा और जिलाध्यक्ष डा. अजय कुमार ने किया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार बस्ती जनपद में करीब 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मी कार्य बहिष्कार में शामिल हैं।
प्रदेश महामंत्री डा. आदित्य भारती और मंडल अध्यक्ष डा. वी.के. वर्मा ने बताया कि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने के बाद 5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध किया था। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा सहित अन्य मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय समेत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दीं। टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संचारी रोग नियंत्रण और गैर-संचारी रोग नियंत्रण समेत कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
संघ की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक समान कार्य के आधार पर सम्मानजनक वेतन, छठे वेतन आयोग के आधार पर वेतन संरचना, महंगाई भत्ता, कर्मचारी भविष्य निधि, आवास भत्ता, चिकित्सा सुविधा और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल हैं।
इसके अलावा संघ ने संविदा कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति बहाल करने, सेवाकाल में मृत्यु होने पर परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में शामिल करने तथा स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की मांग उठाई है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
कार्य बहिष्कार के दौरान डा. आनन्द गौरव शुक्ला, डा. राकेश कुमार, डा. प्रदीप शुक्ला, डा. जुनेद अहमद, डा. इन्द्रेश चौधरी, डा. राम प्रकाश, डा. श्रद्धा सिंह, डा. दीपिका सचान, डा. नीलम चौधरी, डा. सतीश चौधरी, डा. दिनेश सिंह कुशवाहा, डा. अजय कुमार, डा. नीरज त्रिपाठी, डा. अमिश कुमार, डा. अमित पाण्डेय, विवेक मिश्र, शशि मौली रतन पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, राजकुमार, अनीता देवी, अनुराधा सिंह, राजकुमार प्रजापति, प्रभाकर श्रीवास्तव, राघवेन्द्र त्रिपाठी, विवेक कुमार यादव, शिव भूषण श्रीवास्तव, रविन्द्र चौधरी, रीतेश कुमार सिंह, भगवान स्वरूप, कृष्ण मोहन सिंह, विजय वर्मा, मेराज अहमद, विवेकानन्द सिंह, रविन्द्र पटेल, प्रदीप यादव, विकास गौड़, जमील अहमद, उमेश श्रीवास्तव, डा. नीरज यादव, अवधेश मिश्र, अखिलेश चतुर्वेदी, पूजा गौड़ सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट रिजवान खान AKP News
