लखनऊ जा रहे डॉ. वीके वर्मा और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा नजरबंद, संविदा स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश
नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन; डॉ. वर्मा बोले—दमन नहीं, समस्याओं का समाधान करे सरकार
आलम की पुकार, बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों को लेकर 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने जा रहे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. वीके वर्मा और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा को सोमवार को नगर पुलिस ने गोटवा स्थित पटेल एसएमएच हॉस्पिटल में नजरबंद कर दिया। दोनों को उस समय रोका गया, जब वे आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ रवाना हो रहे थे।
डॉ. वीके वर्मा के अनुसार, नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिले के करीब 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार तीन दिनों तक कार्य बहिष्कार किया था। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया गया था।
उन्होंने बताया कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने 12 अक्टूबर को लखनऊ में आंदोलन करने का निर्णय लिया था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह और डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा रवाना हो रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर नजरबंद कर दिया।
डॉ. वर्मा ने कहा कि संविदा स्वास्थ्यकर्मी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को उनकी आवाज दबाने के बजाय समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के दिशा-निर्देश पर आगे भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से मांगों पर सकारात्मक पहल कर समाधान निकालने की अपील की।
रिपोर्ट रिजवान खान AKP News
