Basti Yashwant Kumar Murder Case: पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम का बड़ा एक्शन, 2 गिरफ्तार
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| Basti Yashwant Kumar Murder Case |
उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। Basti Yashwant Kumar Murder Case में थाना वाल्टरगंज पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधी हत्या का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
08 सितंबर 2026 से गायब यूपी पुलिस आवास निगम गोरखपुर के संविदा कर्मी यशवंत कुमार का शव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव के पास सड़क किनारे मिला था। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 टीमों का गठन किया था।
Basti Yashwant Kumar Murder Case: क्या है पूरा मामला?
दिनांक 11 सितंबर 2026 को मृतक के भाई हेमंत कुमार निवासी खड़ौवा खुर्द थाना नगर जनपद बस्ती द्वारा वाल्टरगंज थाने में तहरीर दी गई। तहरीर के आधार पर मु0अ0स0 208/26 धारा 103(1), 238(a) BNS के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
पुलिस जांच के दौरान दिनांक 12 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:20 बजे अमहट से हाईवे पर जाने वाले मोड़ से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जो लखनऊ भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
- रामललित चौधरी: पुत्र स्व0 हरिशंकर वर्मा, निवासी ग्राम पनेराभारी, थाना हरैया, जनपद बस्ती (उम्र करीब 29 वर्ष)।
- सोना देवी: पत्नी स्व0 श्रीपत, निवासी कौड़ीकोल, थाना कप्तानगंज, जनपद बस्ती (उम्र करीब 55 वर्ष)।
हत्या के पीछे की असली वजह और साजिश
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त रामललित चौधरी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह सोना देवी की लड़की रीमा से प्रेम करता था। सोना देवी के अनुसार, मृतक यशवंत उनकी भांजी गुड़िया को परेशान करता था और शराब पिलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता था।
आरोप है कि यशवंत गुड़िया की शादी नहीं होने दे रहा था और जहां भी रिश्ता तय होता था, उसे तुड़वा देता था। इसी से तंग आकर उन्होंने यशवंत को रास्ते से हटाने की पूरी योजना बनाई।
गन्ने के खेत के पास रची गई खौफनाक वारदात
योजना के मुताबिक 08 सितंबर की रात करीब 9:00 बजे यशवंत को गन्ने के खेत के पास बुलाया गया। वहां रामललित, सोना देवी, रीमा, गुड़िया और शीला पहले से मौजूद थे। रीमा ने पीछे से कॉलर खींचकर यशवंत को गिरा दिया।
इसके बाद सभी ने मिलकर यशवंत को दबोच लिया। रामललित और रीमा ने हाथ से उसका गला घोंटा जबकि अन्य आरोपी सीने पर चढ़ गए, जिससे मौके पर ही यशवंत की मौत हो गई।
"अभियुक्तों ने हत्या के बाद शव को मोटरसाइकिल पर बीच में लादकर धमौरा गांव के पास नहर के किनारे सड़क पर फेंक दिया था ताकि साक्ष्य छुपाया जा सके।" - पुलिस प्रेस विज्ञप्ति
बरामदगी की सूची
| क्र. सं. | बरामद सामान का विवरण |
|---|---|
| 1 | 2 अदद मोबाइल कीपैड फोन |
| 2 | मृतक का दस्तावेज (पासपोर्ट, SBI पासबुक, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस) |
| 3 | नकदी ₹ 2,070/- |
| 4 | एक मोटरसाइकिल (पैशन प्रो) UP51AK4990 |
पुलिस टीम का सराहनीय कार्य
इस केस का खुलासा करने में प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार राय (थाना वाल्टरगंज), निरीक्षक एसओजी प्रभारी विकास यादव, प्रभारी सर्विलांस सेल उ0नि0 शेषनाथ यादव एवं उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय बस्ती के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
Basti Yashwant Kumar Murder Case में पुलिस और एसओजी की तत्परता से अंधी हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। इस कार्रवाई से अपराधियों में भय और आम जनता में न्याय के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News

