राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती: दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम के प्रधानाचार्य सूफी एजाज आलम खान कादरी ने बच्चों को दिए 7 महत्वपूर्ण संकल्प
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती: 1 से 7 सितंबर तक देशभर में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (Nutrition Week) बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम, दमया परसा के प्रधानाचार्य सूफी एजाज आलम खान कादरी ने बच्चों के नाम एक विशेष और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक सप्ताह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे जीवन में स्वस्थ भोजन, स्वच्छता और अच्छी जीवनशैली अपनाने की सीख देता है।
अपने संदेश में प्रधानाचार्य ने कहा कि अल्लाह तआला ने हमें यह शरीर एक अमानत के रूप में दिया है, इसलिए इसकी सही देखभाल करना हमारा कर्तव्य है। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि अच्छा भोजन केवल शरीर को ताकत नहीं देता, बल्कि दिमाग, पढ़ाई, याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यक्तित्व के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या हुआ? पोषण सप्ताह के 7 दिनों में 7 अच्छी आदतों की सीख
सूफी एजाज आलम खान कादरी ने 1 सितंबर से 7 सितंबर के बीच हर दिन एक अच्छी आदत सीखने और जीवन में उतारने का आह्वान किया है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें मिलकर ही एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती हैं।
मदरसे के बच्चों और समाज को जागरूक करते हुए प्रधानाचार्य जी ने दैनिक आधार पर संकल्प लेने की सलाह दी है, जिससे बच्चे न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनें बल्कि मानसिक रूप से भी पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रह सकें।
अब तक क्या हुआ? 1 से 7 सितंबर तक के daily संकल्प
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती के तहत प्रधानाचार्य द्वारा जारी किए गए 7 दिनों के विशेष संकल्प और निर्देश निम्नलिखित हैं:
- पहला दिन (1 सितंबर) — "भोजन हमारी ताकत है": भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं है। ऐसा भोजन करें जिससे ऊर्जा, विकास और रोगों से लड़ने की शक्ति मिले। आज का संकल्प: मैं पौष्टिक और संतुलित भोजन को अपनी आदत बनाऊँगा।
- दूसरा दिन (2 सितंबर) — "फल और सब्जियाँ अपनाएँ": हरी सब्जियाँ और मौसमी फल शरीर को आवश्यक विटामिन, खनिज और फाइबर देते हैं। आज का संकल्प: मैं रोजाना फल और सब्जियाँ खाने की कोशिश करूँगा।
- तीसरा दिन (3 सितंबर) — "प्रोटीन से शरीर का विकास": दूध, दही, दाल, चना, राजमा, अंडा और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ मांसपेशियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। आज का संकल्प: मैं अपने भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जरूर शामिल करूँगा।
- चौथा दिन (4 सितंबर) — "पानी है जीवन": पर्याप्त और साफ पानी पीना तथा शरीर में पानी की कमी न होने देना आवश्यक है। आज का संकल्प: मैं पर्याप्त और स्वच्छ पानी पीऊँगा तथा पानी को व्यर्थ नहीं बहाऊँगा।
- पाँचवाँ दिन (5 सितंबर) — "जंक फूड से सावधान": चिप्स, अत्यधिक मीठे पेय, बहुत ज्यादा तला-भुना और पैकेट वाला भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। आज का संकल्प: मैं जंक फूड कम करूँगा और घर का पौष्टिक भोजन पसंद करूँगा।
- छठा दिन (6 सितंबर) — "पोषण के साथ स्वच्छता भी जरूरी": भोजन से पहले और शौचालय के बाद हाथ धोना, साफ बर्तन का प्रयोग करना और भोजन को ढककर रखना जरूरी है। आज का संकल्प: मैं अपने हाथ, भोजन और आसपास की जगह को स्वच्छ रखूँगा।
- सातवाँ दिन (7 सितंबर) — "स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ भविष्य": पोषण सप्ताह का अंतिम दिन याद दिलाता है कि स्वास्थ्य पूरे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। आज का संकल्प: नियमित खेलकूद, पर्याप्त नींद और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएँगे।
प्रधानाचार्य सूफी एजाज आलम खान कादरी का आधिकारिक वक्तव्य
दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम दमया परसा के प्रधानाचार्य ने बच्चों को देश और समाज का भविष्य बताते हुए विशेष मार्गदर्शन दिया।
"प्यारे बच्चों! आप देश और समाज का भविष्य हैं। इसलिए अपनी सेहत को कभी नजरअंदाज न करें। स्वस्थ रहेंगे तो अच्छी तरह पढ़ सकेंगे, अपने माता-पिता और समाज की सेवा कर सकेंगे और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकेंगे।" — सूफी एजाज आलम खान कादरी, प्रधानाचार्य (दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम, दमया परसा)
पोषण और स्वास्थ्य संकल्प की मुख्य सारणी
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती के अंतर्गत जारी किए गए मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त ब्योरा नीचे दिया गया है:
| दिन एवं तारीख | विषय / थीम | मुख्य उद्देश्य एवं सीख |
|---|---|---|
| 1 सितंबर (पहला दिन) | भोजन हमारी ताकत है | पौष्टिक और संतुलित भोजन को आदत बनाना |
| 2 सितंबर (दूसरा दिन) | फल और सब्जियाँ अपनाएँ | विटामिन, खनिज व फाइबर हेतु फल-सब्जियाँ |
| 3 सितंबर (तीसरा दिन) | प्रोटीन से शरीर का विकास | दूध, दाल, चना, राजमा व प्रोटीन का सेवन |
| 4 सितंबर (चौथा दिन) | पानी है जीवन | स्वच्छ पानी पीना और पानी की बर्बादी रोकना |
| 5 सितंबर (पाँचवाँ दिन) | जंक फूड से सावधान | पैकेटबंद, अत्यधिक तले-भुने भोजन से दूरी |
| 6 सितंबर (छठा दिन) | स्वच्छता भी जरूरी | हाथ धोना, बर्तन साफ रखना व स्वच्छता |
| 7 सितंबर (सातवाँ दिन) | स्वस्थ शरीर, स्वस्थ भविष्य | खेलकूद, पर्याप्त नींद व सर्वांगीण विकास |
सब मिलकर लें यह महा-संकल्प
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती का समापन करते हुए प्रधानाचार्य जी ने सभी बच्चों से एक साझा संकल्प लेने को कहा:
"पौष्टिक भोजन अपनाएँगे, जंक फूड से बचेंगे, स्वच्छता को जीवन में लाएँगे, नियमित खेलेंगे और स्वस्थ रहेंगे। खुद भी स्वस्थ रहेंगे और दूसरों को भी स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करेंगे।"
आगे क्या होगा? जीवन में उतारनी होंगी ये आदतें
प्रधानाचार्य जी ने सभी अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। यदि बच्चे बचपन से ही इन 7 आदतों को अपना लेंगे, तो उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी बेहतर होगा और वे एक स्वस्थ नागरिक के रूप में समाज की सेवा कर सकेंगे।
याद रखिए— "अच्छा पोषण — बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर स्वास्थ्य — बेहतर शिक्षा, और बेहतर शिक्षा — बेहतर भविष्य।"
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह संदेश बस्ती के जरिए दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम दमया परसा के प्रधानाचार्य सूफी एजाज आलम खान कादरी ने समाज को एक बहुमूल्य सीख दी है। बच्चों के बेहतर कल और स्वस्थ जीवन के लिए यह 7 दिवसीय मार्गदर्शिका अत्यंत उपयोगी और अनुकरणीय है।
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