District Women Hospital Basti Rotary Play Zone: 5 बड़े बदलाव जो लाएंगे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान | Aalam ki Pukar

District Women Hospital Basti Rotary Play Zone: 5 बड़े बदलाव जो लाएंगे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान | Aalam ki Pukar

District Women Hospital Basti Rotary Play Zone: बच्चों के लिए बना 'रोटरी प्ले जोन', झूलों से इलाज के बीच मिलेगी खुशी और तनाव से राहत

जिला महिला चिकित्सालय बस्ती के परिसर में बच्चों के स्वास्थ्य, मनोरंजन और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है। रोटरी क्लब बस्ती मिड टाउन की ओर से अस्पताल परिसर में 'रोटरी प्ले जोन' का निर्माण कराया गया है, जिससे अस्पताल आने वाले नन्हें-मुन्नों को एक खुशनुमा माहौल मिल सके।

अस्पताल का नाम सुनते ही अक्सर बच्चों के मन में डर और तनाव का माहौल बन जाता है। लेकिन बस्ती जिला महिला चिकित्सालय की इस नई पहल से अब बच्चे इलाज और जांच के दौरान होने वाली बेचैनी को भूलकर खेल-कूद का आनंद ले सकेंगे।

रोटरी प्ले जोन का भव्य उद्घाटन और सम्मानित अतिथि

इस नवनिर्मित रोटरी प्ले जोन का भव्य उद्घाटन जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान अस्पताल का माहौल काफी सकारात्मक और उत्साहजनक नजर आया।

उद्घाटन अवसर पर रोटेरियन डॉ. के.के. सिंह ने मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार को स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान क्लब के सदस्यों, वरिष्ठ चिकित्सकों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने इस कदम की पुरजोर सराहना की।

District Women Hospital Basti Rotary Play Zone का मुख्य उद्देश्य

अस्पताल परिसर में बनाए गए इस प्ले जोन का प्राथमिक उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा बाल-मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण भी शामिल है।

  • तनावमुक्‍त वातावरण: अस्पताल के डर और इलाज की प्रक्रिया से बच्चों का ध्यान भटकाना।
  • सकारात्मक ऊर्जा: अपनी बारी के इंतजार के दौरान बच्चों में होने वाली चिड़चिड़ाहट और ऊब को दूर करना।
  • शारीरिक और मानसिक विकास: सुरक्षित झूलों और गतिविधियों के जरिए बच्चों को सक्रिय रखना।
  • अभिभावकों को राहत: बच्चों के व्यस्त रहने से माता-पिता भी बिना किसी अतिरिक्त तनाव के चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी करवा सकेंगे।

अस्पताल में आने वाले बच्चों के लिए क्यों खास है यह पहल?

रोटरी क्लब बस्ती मिड टाउन के अध्यक्ष डॉ. डी.के. गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इस प्ले जोन की परिकल्पना की गई है। अस्पताल का वातावरण बच्चों के लिए असहज हो सकता है, लेकिन खेलकूद की सुविधाएं उन्हें सकारात्मकता से भर देती हैं।

क्लब के सचिव रोटेरियन आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलाज या जांच के दौरान अक्सर बच्चों और उनके परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यह प्ले जोन बच्चों को व्यस्त रखने के साथ-साथ उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का काम करेगा।

स्वास्थ्य, समाज और बच्चों का सर्वांगीण विकास

कोषाध्यक्ष रोटेरियन विवेक वर्मा ने कहा कि खेलकूद बच्चों की शारीरिक सक्रियता के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, रोटेरियन डॉ. के.के. सिंह ने इस प्रयास को विशुद्ध मानवीय और जनहितकारी कदम बताया।

"समाजसेवा का उद्देश्य केवल चिकित्सा सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों और विशेष रूप से बच्चों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना भी जरूरी है जहां वे अपनापन और खुशी महसूस कर सकें।"
— रोटेरियन डॉ. के.के. सिंह

क्लब के पदाधिकारियों ने संकल्प जताया कि भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल कल्याण से जुड़े ऐसे सामाजिक कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

प्ले जोन की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं

District Women Hospital Basti Rotary Play Zone को विशेष रूप से छोटे बच्चों की सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

सुविधा का नाम मुख्य लाभ
सुरक्षित झूले विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षित एवं मनोरंजक झूलों की व्यवस्था।
खुली और साफ जगह अस्पताल के मुख्य भवन के पास ही ताजी हवा और खुला माहौल।
देखभाल एवं रखरखाव सुरक्षित संचालन के लिए रोटरी क्लब और अस्पताल प्रशासन द्वारा विशेष निगरानी।

निष्कर्ष: बस्ती जिला महिला अस्पताल की एक अनुकरणीय मिसाल

जिला महिला चिकित्सालय बस्ती में स्थापित 'रोटरी प्ले जोन' केवल झूलों का एक समूह मात्र नहीं है, बल्कि यह बीमार या तनावग्रस्त बच्चों के लिए एक थेरेपी की तरह काम करेगा। यह पहल साबित करती है कि जब समाज सेवा संगठन और प्रशासनिक व्यवस्थाएं एक साथ आती हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक संवेदनशील और मानवीय बन जाता है।

यह पहल निसंदेह अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगी कि कैसे अस्पताल के वातावरण को बाल-अनुकूल बनाकर मरीजों के अनुभव को बेहतर किया जा सकता है।


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रिपोर्ट रिजवान खान

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