बस्ती राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर: 12 सितंबर को जनपद न्यायालय और तहसीलों में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह-समझौते से होगा वादों का निस्तारण
बस्ती राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर: उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में आम जनमानस को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय दिलाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। माननीय जनपद न्यायाधीश शमसुल हक के मार्गदर्शन में आगामी 12 सितंबर 2026 को जनपद न्यायालय बस्ती, कलेक्ट्रेट मुख्यालय तथा जिले की समस्त तहसील मुख्यालयों में भव्य राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
इस बात की आधिकारिक जानकारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने दी है। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित मुकदमों और विवादों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर खत्म करना है, ताकि पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत हो सके।
क्या हुआ? 12 सितंबर को बस्ती जिले भर में लोक अदालत का आयोजन
01 सितंबर 2026 को सूचना विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती द्वारा 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां जोरों पर हैं।
यह लोक अदालत केवल जिला अदालत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए कलेक्ट्रेट परिसर और तहसील स्तर के सभी मुख्यालयों में एक साथ आयोजित की जाएगी। इसमें दीवानी, आपराधिक, बैंक वसूली और राजस्व से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
अब तक क्या हुआ? लोक अदालत में किन-किन वादों का होगा निपटारा
बस्ती राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर के अवसर पर ऐसे सभी मुकदमों को सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिन्हें आपसी बातचीत से हल किया जा सकता है। प्राधिकरण द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार निम्नलिखित मामलों का निस्तारण किया जाएगा:
- आपराधिक शमनीय वाद: ऐसे छोटे आपराधिक मामले जिनमें कानूनन समझौता संभव है।
- धारा-138 NI Act: परकाम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) से संबंधित लंबित मामले।
- बैंक वसूली व ऋण विवाद: बैंकों के बकाए और ऋण वसूली से जुड़े प्री-लिटिगेशन एवं लंबित वाद।
- मोटर दुर्घटना प्रतिकर क्लेम: सड़क हादसों से संबंधित मुआवजे की याचिकाएं (MACT Cases)।
- पारिवारिक व वैवाहिक विवाद: पति-पत्नी और परिवार से जुड़े आपसी मतभेद के मामले।
- बिजली, पानी व सर्विस मामले: विद्युत एवं जलकर विवाद (चोरी मामलों सहित), सेवा संबंधी वेतन व सेवानिवृत्त लाभ विवाद।
आपसी सहमति से न्याय पाने का सबसे बेहतरीन माध्यम
राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित मामलों की सबसे खास बात यह होती है कि इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती और दोनों पक्षों की जीत होती है। इससे कोर्ट फीस भी वापस मिल जाती है और सालों पुरानी रंजिशें हमेशा के लिए खत्म हो जाती हैं।
"राष्ट्रीय लोक अदालत जनसामान्य के लिए सुलभ और बिना किसी खर्च के न्याय पाने का बेहतरीन अवसर है। आम जनमानस 12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अपने मामलों को नियत कराकर अधिक से अधिक लाभ उठाएं।" — देवेन्द्र कुमार-प्रथम, सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती)
निस्तारित होने वाले प्रमुख वादों की श्रेणी सूची
लोक अदालत में किन-किन श्रेणियों के मुकदमों को शामिल किया गया है, इसका संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:
| विवाद का प्रकार | शामिल मामले / वाद |
|---|---|
| सिविल व राजस्व वाद | भूमि अधिग्रहण, किराया, सुखाधिकार, व्ययादेश व विशिष्ट अनुतोष वाद |
| वित्तीय व व्यापारिक वाद | बैंक रिकवरी, चेक बाउंस (138 NI Act), आर्बिट्रेशन (हायर पर्चेज) |
| उपभोक्ता व जनसुविधा | विद्युत एवं जलकर बिल विवाद (चोरी के केस सहित) |
| श्रम व सेवा वाद | श्रम वाद, वेतन संबंधी विवाद और पेंशन/सेवानिवृत्त लाभ विवाद |
आगे क्या होगा? लोक अदालत का लाभ कैसे उठाएं?
यदि आपका भी कोई मामला जनपद न्यायालय, कलेक्ट्रेट या तहसील में लंबित है या बैंक वसूली से जुड़ा कोई प्री-लिटिगेशन नोटिस मिला है, तो आप संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन देकर अपने मुकदमे को 12 सितंबर की लोक अदालत में नियत करवा सकते हैं।
प्रशासन ने सभी सम्मानित नागरिकों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने मुकदमों का शांतिपूर्ण समाधान निकालें।
बस्ती राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर का आयोजन आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुकदमों के बोझ से दब रहे लोगों के लिए आपसी समझौते के जरिए स्थायी समाधान पाने का यह सबसे सुलभ रास्ता है। 12 सितंबर 2026 को बस्ती जिले के नागरिक इस लोक अदालत का हिस्सा बनकर अपने विवादों का अंत कर सकते हैं।
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परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
