बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार: सीएसपी (CSP) केंद्र की आड़ में 1.4 करोड़ से अधिक का गबन करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार
बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार का यह सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती से सामने आया है, जहाँ पैकोलिया पुलिस ने करोड़ों रुपये के गबन और धोखाधड़ी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 वांछित अभियुक्तों को धर दबोचा है। प्रभारी निरीक्षक मोती चंद के नेतृत्व में पैकोलिया पुलिस टीम ने सीएसपी (CSP) केंद्र की आड़ में गरीब जनता के पैसों की हेराफेरी करने वाले एक पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पिछले तीन सालों में साजिश रचकर लगभग 1.4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खातों में जमा न कर अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर ली थी और ग्राहकों को फर्जी रसीदें थमा दी जाती थीं। बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार के इस ऑपरेशन से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्या हुआ? 32 ग्रामीणों की संयुक्त तहरीर पर दर्ज हुआ था केस
02 सितंबर 2026 को बस्ती पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत तब हुई जब 21 अप्रैल 2026 को कुल 32 ग्रामीणों ने एक जुट होकर पैकोलिया थाने में संयुक्त तहरीर दी। पीड़ित ग्रामीणों का आरोप था कि उनके जमा किए गए पैसे बैंक खातों में नहीं दिख रहे हैं।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 52/2026 धारा 319(2), 316(5), 338, 336(3), 340(1), 61(2) BNS के तहत केस पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
अब तक क्या हुआ? फर्जी रसीद और FD के नाम पर ऐसे होता था गबन
विवेचना में पता चला कि ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर कार्य करने वाली महिला रिशा वर्मा और चंदन विक्रम ने मुख्य आरोपी जवाहरलाल के साथ मिलकर एक बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचा था। ये लोग गरीब ग्रामीणों और ग्राहकों से पैसे जमा कराने के लिए लेते थे, लेकिन उसे बैंक के मुख्य खाते में जमा न करके अपने व्यक्तिगत खातों में डाल लेते थे।
ग्राहकों को ठगने के लिए अभियुक्त उन्हें फर्जी रसीद बनाकर दे देते थे ताकि किसी को शक न हो। वहीं मुख्य आरोपी जवाहरलाल द्वारा ग्राहकों को विश्वास में लेने के लिए साधारण चेक देकर उसे एफडी (FD) बता दिया जाता था।
गबन की गई रकम का चौंकाने वाला बैंक ब्योरा
बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार मामले में जब पुलिस ने बैंक खातों की गहनता से जांच और स्टेटमेंट का अवलोकन किया, तो पिछले 3 वर्षों के दौरान करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की पुष्टि हुई:
| खाताधारक / आरोपी का नाम | बैंक का नाम / खाता विवरण | गबन / ट्रांसफर की गई कुल धनराशि |
|---|---|---|
| रिशा वर्मा | केशवपुर बैंक खाता | ₹97,00,000/- (सत्तानबे लाख) |
| रिशा वर्मा | पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाता | ₹22,10,000/- (बाईस लाख दस हजार) |
| रिशा वर्मा | फंड ट्रांसफर (निजी उपभोग) | ₹11,93,000/- (ग्यारह लाख तिरानबे हजार) |
| दिवाकर (सह-संलिप्त) | खाता विवरण अवलोकन | ₹9,07,500/- (नौ लाख सात हजार पांच सौ) |
| कुल उजागर गबन राशि | ₹1,40,10,500/- (1 करोड़ 40 लाख से अधिक) | |
गिरफ्तार अभियुक्तों का व्यक्तिगत विवरण
पैकोलिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का ब्योरा निम्नलिखित है:
- 1. चंदन विक्रम (उम्र 24 वर्ष) पुत्र जवाहरलाल, निवासी- औरातोन्दा, थाना पैकोलिया, जनपद बस्ती।
- 2. रिशा वर्मा (उम्र 28 वर्ष) पुत्री रामनरायण, निवासी- चौबेपुर, थाना हर्रैया, जनपद बस्ती।
कार्रवाई करने वाली बहादुर पुलिस टीम
करोड़ों के इस हाई-प्रोफाइल गबन का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेजने वाली पैकोलिया पुलिस टीम:
"गरीब जनता की कमाई का गबन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और गबन की गई संपत्ति की रिकवरी के लिए आगे की विधिक कार्रवाई तेजी से जारी है।" — प्रभारी निरीक्षक मोती चंद, थाना पैकोलिया (जनपद बस्ती)
- 1. मोती चन्द — प्रभारी निरीक्षक, थाना पैकोलिया, बस्ती
- 2. सैयद वसी हैदर जैदी — उप-निरीक्षक, थाना पैकोलिया, बस्ती
- 3. धर्मेन्द्र यादव — हेड कांस्टेबल, थाना पैकोलिया, बस्ती
- 4. सूरज सिंह — कांस्टेबल, थाना पैकोलिया, बस्ती
- 5. शिवानी कुमारी — महिला कांस्टेबल, थाना पैकोलिया, बस्ती
आगे क्या होगा? कोर्ट में पेशी और कुर्मी की तैयारी
बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार के तहत पकड़े गए दोनों अभियुक्तों चंदन विक्रम और रिशा वर्मा के खिलाफ कानूनी लिखापढ़ी पूरी कर उन्हें न्यायालय बस्ती भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल मुख्य आरोपी जवाहरलाल और अन्य सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है। साथ ही पुलिस न्यायालय के जरिए आरोपियों के खातों को सीज करने और अवैध संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है।
बस्ती पैकोलिया पुलिस गबन अभियुक्त गिरफ्तार का यह मामला यह सबक देता है कि ग्राहक सेवा केंद्रों पर पैसे जमा करते समय हमेशा आधिकारिक और डिजिटल प्रिंटेड पासबुक/रसीद की जांच जरूर करें। पैकोलिया पुलिस की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से पीड़ित 32 से अधिक ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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Aalam ki Pukar: जब भी देखें सच देखें
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
