शहीद अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि पर सूफी एजाज़ आलम खान कादरी का संदेश
“देश की तरक्की के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता अनिवार्य”
बस्ती। दारुल उलूम इस्लामिया फैज़ाने आलम दमया परसा में शहीद वीर अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रिंसिपल और आलम रूहानी मिशन के अध्यक्ष सूफी एजाज़ आलम खान कादरी साहब ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि
“देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि दिलों में जज़्बात और कर्मों से झलकनी चाहिए। आज़ादी हमें आसानी से नहीं मिली है, बल्कि वीर अब्दुल हमीद जैसे बहादुर सपूतों ने अपने खून की कुर्बानी देकर इस वतन की हिफाज़त की है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज की गंदी राजनीति हिंदू-मुस्लिम एकता में बाधक बन रही है। ऐसे लोगों को इतिहास के पन्नों से सबक लेना चाहिए, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ने कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और शहादत दी।
“अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकता की डोर मज़बूत करनी होगी। जब तक हम मिलजुलकर नहीं रहेंगे, तब तक देश और समाज की तरक्की अधूरी रहेगी।”
इस मौके पर सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पत्रकार रिज़वान खान, मक़सूद अहमद खान, परवेज़ अहमद, सोनी चौधरी और अमीना ख़ातून सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट
AKP न्यूज 786
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